” ऋषिकेश ” भारत के उत्तराखंड राज्य के देहरादून जिले में स्थित है | ( ऋषिकेश का इतिहास ) ऋषिकेश गढ़वाल हिमालय पर्वत की तलहटी में समुन्द्रतल से 409 मीटर की ऊँचाई पर स्थित और शिवालिक रेंज से घिरा हुआ है | हिमालय की पहाड़िया और प्राकर्तिकसौन्दर्यता से ही इस धार्मिक स्थान से बहती गंगा नदी ऋषिकेश को अतुल्य बनाती है | ऋषिकेश का शांत वातावरण कई विख्यात आश्रमों का घर है | हर साल ऋषिकेश के आश्रमों में भारी  संख्या में तीर्थयात्री मन की शांति के लिए आते है | वशिष्ठ गुफा , लक्ष्मण झूला और नीलकंठ मंदिर आदि ऋषिकेश के स्थलों में से एक है ऋषिकेश दो शब्दों के संयोजन से बना है , “ऋषिक” और “एश” | “ऋषिक” का अर्थ है “इन्द्रिया” और “एश” का अर्थ है “भगवान या गुरु” | आजादी के बाद ऋषिकेश को पवित्र हिन्दू शहर के रूप में घोषित कर दिया गया |

सन 1960 के दशक में “बीटल्स” ऋषिकेश के पास योग का अध्यन करने के लिए आया था | तब से इस शहर ने खुद को “दुनिया की योग राजधानी” कहा है | ऋषिकेश को चार धाम केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री का प्रवेशद्वार कहा जाता है

ऋषिकेश में जाने के लिए आकर्षितजगहें –
1. लक्ष्मण झूला,
लक्ष्मण झूला गंगा नदी के ऊपर बना एक प्रसिद्ध हैंगिंग ब्रिज है जो टिहरी गढ़वाल जिले के तपोवन और पौड़ी गढ़वाल जिले के जोंक को जोड़ता है। लक्ष्मण झूला ऋषिकेश शहर के उत्तर-पूर्व में 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। पूरा पुल लोहे से बना हुआ है और यह 450 फीट लंबा है और गंगा नदी से 70 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। ऋषिकेश के पर्यटन स्थलों में लक्ष्मण झूला पर्यटकों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। माना जाता है कि भगवान राम के छोटे भाई भगवान लक्ष्मण ने इस स्थान पर गंगा नदी को पार किया था |

2. त्रिवेणी घाट,
गंगा नदी के तट पर स्थित त्रिवेणी घाट तीन पवित्र नदियों-गंगा, यमुना और सरस्वती के संगम का स्थान है। इन नदियों को हिंदू धर्म में असाधारण रूप से पवित्र और शुद्ध माना जाता है। मान्यता है कि त्रिवेणी घाट किनारे पवित्र जल में डुबकी लगाने से व्यक्ति का अंतर्मन शुद्ध हो जाता है सभी पापों, चिंताओं और भय से मुक्ति मिल जाती है। त्रिवेणी घाट गंगा नदी के किनारे एक भीड़-भाड़ वाला घाट है, जिसमें तीर्थयात्री चारों ओर स्नान करते हैं। इस घाट पर शाम की आरती के दौरान अद्भुत नजारा दीखता है जो शांति प्रदान करता है।

3. ऋषिकेश राफ्टिंग
अगर आपको एडवेंचर पसंद है और आप कुछ हटकर आनंद लेना चाहते हैं तो आप ऋषिकेश में राफ्टिंग का लुत्फ उठा सकते हैं। ऋषिकेश में विशेषरूप से राफ्टिंग के लिए भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां कुछ सर्टिफाइड ऑपरेटर हैं, जो राफ्टिंग के लिए अच्छी सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराते हैं और ऋषिकेश में कैंपिंग और राफ्टिंग के लिए अनुकूलित पैकेज भी है। यदि आप स्ट्रेस फ्री आउटिंग चाहते हैं तो आपके भोजन, पानी और राफ्टिंग की व्यवस्था संचालकों द्वारा की जाती है। यदि आप स्वंय व्यवस्था करना चाहते हैं तो उसका भी विकल्प मौजूद है। पीक सीजन में ऋषिकेश में राफ्टिंग के लिए काफी भीड़ देखी होती है।

4. स्वर्ग आश्रम
स्वर्ग आश्रम को स्वामी विशुद्धानंद की याद में बनवाया गया था। यह एक आध्यात्मिक आश्रम है, जिसे काली कमली वाला के नाम से भी जाना जाता है क्योंकि वे हमेशा काले रंग का कम्बल पहने रहते थे। राम झूला और लक्ष्मण झूला के बीच स्थित, भारत का यह सबसे पुराना आश्रम है और ऋषिकेश के महत्वपूर्ण पर्यटन स्थलों में से एक है।

5. नीलकंठ महादेव मंदिर
नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश शहर से 12 किमी दूर स्थित है। यह मंदिर सिल्वन वन के बीच 1670 मीटर में स्थित है।यह भारत के सबसे पवित्र शिव मंदिरों में से एक है और ऋषिकेश में देखने के लिए सबसे अच्छे धार्मिक स्थलों में से एक है। यह मंदिर समुद्रमंथन की गाथा को दर्शाता है। मंदिर में एक ताजे पानी का झरना भी है जिसमें भक्त स्नान करके मंदिर में पूजा करने के लिए जाते हैं।

ऋषिकेश की यात्रा कैसे करें –

ऋषिकेश का निकटतम हवाई अड्डा जॉली ग्रांट एयरपोर्ट देहरादून है जो ऋषिकेश से 35 किमी की दूरी पर है। आप दिल्ली या लखनऊ से हवाई यात्रा करके यहां पहुंच सकते हैं इसके बाद देहरादून से बस के जरिए ऋषिकेश जा सकते हैं। इसके अलावा हरिद्वार, देहरादून और नई दिल्ली से बस के माध्यम से भी ऋषिकेश जाया जा सकता है। इन स्थानों से ऋषिकेश के लिए रोजाना बसें चलती हैं।

ऋषिकेश का निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार है जो इससे 25 किलोमीटर की दूरी पर है। यह स्टेशन मुंबई, दिल्ली, कोलकाता, लखनऊ और वाराणसी से रेलमार्ग द्वारा जुड़ा है। आप शताब्दी, जनशताब्दी, मसूरी एक्सप्रेस जैसी विभिन्न ट्रेनों के माध्यम से हरिद्वार पहुंचकर फिर वहां से बस या टैक्सी द्वारा ऋषिकेश जा सकते हैं।

ऋषिकेश के बारे में महत्वपूर्ण बाते –

ऋषिकेश क्यों जाएँ: राफ्टिंग, साहसिक खेल, प्राकृतिक सौंदर्य, मंदिर

आदर्श: सप्ताहांत गंतव्य, मित्र, परिवार

सामान्य ज्ञान: ऋषिकेश भगवान विष्णु का नाम है जिसका अर्थ है ‘संवेदना के भगवान’

लाने के लिए चीजें: बोहो कपड़े, ऊनी वस्त्र, प्रार्थना की घंटियां, हिंदू देवताओं की पीतल की मूर्तियां, खादी और रेशम साड़ी, हस्तशिल्प

यात्रा का सबसे अच्छा समय: पूरे साल, राफ्टिंग के लिए सबसे अच्छा समय सितंबर के अंत में है – मध्य नवंबर और फरवरी – मई

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