जानियै रुड़की किआ इतिहास ?

रूडकी
रुड़कीशहरभारतकेउत्तराखण्डराज्यमेंस्थितएकनगरनिगमपरिषदहै।इसेरुड़कीछावनीकेनामसेभीजानाजाताहैऔरयहदेशकीसबसेपुरानीछावनियोंमेंसेएकछावनीहैऔर1853ई० सेबंगालअभियांत्रिकीसमूह (बंगालसैप्पर्स) कामुख्यालयहै।

नामोत्पत्ति

रूड़कीकानामरुरी/ रूड़ीसेपड़ाथा,जोकीएकबड़गूजरराजपूतसरदारजीकीपत्नीथीऔरपहलेइसे ‘रुरीकी’ भीकहाजाताथा।स्थानीयग्रामवासियोंकामाननाहैकीइसेइसकानाम “रोरोनकी” अर्थातरोरकानिवाससेमिला।

इतिहास

रूडकी 18वींसदींमेंसोलानीनदीकेपश्चिमीतटपरबसाएकगांवथा।तात्कालिकसहारनपुरजिलेकेपंवार(परमार) गुर्जरों (जोबड़गूजरकहलातेथे )कीलंढौरारियासत (पूर्वकीझबरेड़ारियासत)केअंर्तगतआताथा।यहक्षेत्रगूजरोंद्वाराशासितहोनेकेकारण 1857 ई०तकगुजरात(सहारनपुर)कहलाताथा, 1857 कीक्रांतिमेंगुर्जरोवरांघड़ोद्वाराकिएगएभयंकरविद्रोहोवउपद्रवोकेकारणअंग्रेजोंने 1857 कीक्रांतिकेबादगुर्जरोंकेप्रभावकोकमकरनेकेलिएतमामसरकारीदस्तावेजोंवअभिलेखोमें ” सहारनपुर- (गुजरात)नामपरप्रतिबंधलगादियागयाऔरसिर्फ ‘ सहारनपुर’ नामदर्जकरनेकेआदेशजारीकरदिएगए।

यह 1813 ई०मेंलंढौराराज्यकेराजारामदयालसिंहपंवारकीमृत्युकेबादब्रिटिशईस्टइंडियाकंपनीकेअधीनआगया।

गंगनहररूड़की

अंग्रेजोंनेगुर्जरोकीगंगा- यमुनाकेदबावमेंलगातारबढ़तीजारहीताकतकोकमजोरकरनेवसाथहीरूहेलाओं
( नजीबाबादक्षेत्र ) कोअपनेनियंत्रणमेंलानेकेउद्देश्यसेरूड़कीगांवमेंछावनीकीस्थापनाकी।जिसकाउपयोग
1824 ई०मेंलंढौरारियासत (गुजरात- सहारनपुर) केताल्लुकावगुर्जरकिलेकुंजाबहादुरपुरकेराजाविजयसिंहपंवारकेनेतृत्वमेंलड़ेगएपहलेस्वतंत्रतासंग्रामव 1857 ई०मेंसहारनपुर(गुजरात) केगुर्जरोंवरांघडोंद्वाराकियेगएभयंकरविद्रोहोकोकुचलनेकेलिएकियागया।

अप्रैल 1842 ई०मेंअंग्रेजअधिकारीसरप्रोबेकोटलेकेनेतृत्वमेंगंगनहरनिर्माणहेतूखुदाईप्रारंभकीगई , तथागंगनहरकेनिर्माणकार्यवरखरखावकेलिए 1843 ई०मेंनहरकेकिनारेकैनालवर्कशॉपवआयरनफॉउंडरीकीस्थापनाकीगई।
रूड़कीगंगनहरकानिर्माणकार्य 1854 ई०मेंपूर्णहुआथातथाइसे 08 अप्रैल 1854 ई०कोचालूकरदियागयाजिससेलगभग 5000 गांवोकीलगभग 768000 एकड़भूमिकीसिंचाईकीजातीहैतथाउत्तराखंडराज्यकेजनपदहरिद्वारकेपथरीवमौह्म्मदपुरगांवोमेइसपरजल-विद्युतगृहबनाकरबिजलीउत्पादनभीकियाजारहाहै।
रूड़कीनहरकीखुदाईकेलिएसर्वप्रथम 22 दिसंबर 1851ई०मेंभापकेइंजनसेचलनेवालीदेशकीपहलीरेलगाड़ी (मालगाड़ी) रूड़कीवपिरानकलियरकेबीचट्रैकबिछाकरचलाईगईथी। आईआईटीरूड़की
1845 ई०में ‘ सिविलइंजीनियरिंगस्कूल ‘ स्थापनाकीगईजिसकानाम 1847 ई०में (थॉमसनकालेजऑफसिविलइंजीनियरिंगरूड़की)करदियागयाऔरयहदुनियामेंस्थापितहोनेवालापूरेएशियामहाद्वीपवभारतकासबसेपहलाइंजीनियरिंगकालेजबनगया , 1947 ई०मेंइसकीसेवाओंवमहत्ताकोदेखतेहुएइसेविश्वविद्यालयकादर्जादेदियागयातथाइसकानामबदलकर ” रूड़कीविश्वविद्यालय” ‘ University of Røorkee’ करदियागया| 21 सितंबरवर्ष2001 मेंसंसदमेंकानूनपारितकरभारतसरकारनेइसेदेशके 07वेंभारतीयप्रौद्योगिकीसंस्थान (IIT) केरूपमेंमान्यतादी

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