मुंबई के ताज होटल की कहानी और इतिहास – Story and history of of Taj Hotel in hindi

दोस्तों आज हम आपको इस आर्टिकल के माध्यम से मुंबई शहर के अपोलो बंदर कोलाबा जगह में स्थित ताज होटल के बारे में बताने जा रहे है जिसको मुंबई के सर का ताज भी कहा जाता है इस आर्टिकल में आज आप जानेंगे ताज होटल को बनाने के पीछे की कहानी तो चलिए अब आगे बढ़ते है और जानते है ताज होटल के बारे में ताज होटल का पूरा नाम ताज महल पैलेस होटल है यह एक पांच सितारा होटल है जो कि गेटवे ऑफ़ इंडिया के बिलकुल सामने है यह भारत का सबसे सूंदर होटल है इस होटल की इमारत 116 साल पुरानी है यह रिसॉर्ट्स एंड पैलेस का एक हिस्सा है जिसमे 560 कमरे एवं 44 सुइट्स हैं देश विदेश से आने वाले पर्यटक भी इस होटल को काफी पसंद करते है इस इमारत की खूबसूरती लोगो को बेहद आकर्षित करती है


आखिर में क्यों बनाया था ताज जाने इसके पीछे की कहानी – Finally, why did Taj know the story behind it

ताजमहल होटल के निर्माण के पीछे एक रोचक कहानी छुपी हुई है जो शयद आप नहीं जानते है अरब सागर की उची उची उठने वाली लेहरो से तर होने वाली ये ताज की ईमारत मुंबई के सर का ताज है ये ताज होटल देश की ट्रेडमार्क ईमारत है जिसके पन्ने से लेकर पढ़ने तक की कहानी भी मायानगरी की तरह पूरी हुई थी

एक देशभक्त के दिल पर लगी चोट, जिसे एक होटल में एंट्री नहीं मिलती और इस वजे से उसने ताज की नीव रखदी, जमशेदजी टाटा के दिल को लगी ठेस ने मुंबई को एक ऐसी ईमारत देदी जिसकी पहचान आज पुरे देश विदेश में है सिनेमा के जनक लुमायर भाइयो ने अपनी पहली फिल्म का शो मुंबई के आलीशान वॉटसन होटल में किया था इन शो को देखने के लिए मात्र ब्रिटिश लोग आये थे कियोंकि वॉटसन होटल के बहार एक तख्ती लगी रहती थी जिस पर लिखा रहता था भारतीय और कुत्ते होटल के अंदर प्रवेश नहीं कर सकते |

मुंबई टाटा समूह के जमशेद टाटा भी 7 जुलाई 1896 को लुमायर भाइयो की फिल्म देखने वॉटसन होटल में गए थे लेकिन भारतीय होने के कारन उन्हें होटल के अंदर प्रवेश नहीं मिला और तभी उनके दिल को बहुत ठेस पहुंची, जमशेद टाटा ने 2 साल बाद वॉटसन होटल की इमारतों को धूमिल करदे एक शानदार ताज होटल का निर्माण कराया, 14 दिसंबर 1903 में यह सुन्दर होटल बनकर तैयार हो गया था उस समय इस होटल के दरवाजे पर एक तख्ती भी लटकती थी जिस पर लिखा होता था ब्रिटिश और बिलिया अंदर नहीं आ सकती,116 साल पुराणी इस ईमारत में 560 कमरे एवं 44 सुइट्स है मुंबई का यह पहला होटल था जिसमे बिजली थी उद्धघाटन के दिन 17 मेहमान इस होटल में रुके थे जिनका किराया एक कमरे का सिर्फ 10 रूपये था उस समय इस होटल के निर्माण में लगभग 25 लाख रूपये खर्चा आया था इस होटल को बनाने का काम अंग्रेज इंजीनयर डब्लू ए चैंबर्स को दिया गया था उन्ही की देख रेख में इसका निर्माण हुआ था और इसका श्रय खान साहेब सोराबजी रतन जी को भी जाता है|

ताज महल होटल की सुंदरता

इस होटल की सुंदरता के बारे में जितनी तारीफ की जाये उतनी ही कम है इस होटल के अंदर लग्जरी कमरों के साथ साथ वो सारी सुविधाएं उपलब्ध है जो एक पांच सितारा होटल में होती है जैसे की बिसनेस सेंटर, कॉन्फ्रेंस रूम, स्वीमिंग पूल, फिटनेस जिम, स्पा और बॉडी मसाज, रेस्टोरेंट, चिल्ड्रन्स प्ले एरिया, और यहां पर खाने के लिए हर तरह की डिशिस बनती है जो की खाने में बेहद लजीज होती है


मुंबई के ताज होटल पर आतंकी हमला

उस दिन 26 नवंबर 2008 की रात थी जब आतंकियों ने मुंबई के ताज होटल पर हमला किया था जिसके कारन ताज होटल को बहुत नुकसान पंहुचा था उस रात इस होटल के अंदर 3 आतंकी घुसे थे और बन्दुक की नोक पर वहा तोड़फोड़ कर रहे थे उन्होंने वहा पर काफी यात्रियों को गोली भी मारी थी और होटल को अंदर से पूरा तहस नहस कर दिया था

इस होटल में उस दिन लगभग 500 पर्यटक ठहरे हुए थे आतंकियों ने उन पर भी गोलियों की बौछार की जिससे वो काफी घबरा गए थे जिसमे से काफी पर्यटक घायल हुए थे और कुछ गोली से मारे गए थे इसके बाद होटल की सुरक्षा के लिए मुंबई पुलिस और मिलट्री फाॅर्स के जवान वहा पर पहुंच गए और काफी घंटो तक आतंकियों और पुलिस फाॅर्स के बिच गोली बरी होती रही लेकिन आतंकियों ने हार नहीं मानी, काफी मशक्कत करने के बाद मुंबई पुलिस और मिलट्री के जवानो ने ताज होटल को आतंकियों से चुंगल से छुड़वाया, ताज होटल को काफी नुकसान हुआ था उस बिच होटल को कुछ समय के लिए बंद करदिया गया था इस दौरान हमारे देश के कुछ जवान भी शहीद हुए थे,

ताज होटल का हमले के बाद पुनः निर्माण

ताज होटल के पुनः निर्माण के लिए लगभग 1.75 मिलियन का खर्चा आया था और 15 अगस्त 2010 में इस होटल को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया था इसके बाद इस होटल की सुंदरता को और अधिक सुंदर बना दिया गया था काफी पर्यटक पुनः निर्माण के बाद होटल में ठहरने के लिए आये थे

ताज होटल में हमले के पुनःनिर्माण के बाद 6 नवम्बर 2010 में यूनाइटेड स्टेटस के जाने माने प्रेसिडेंट बराक ओबामा इस होटल में आये थे और यहां पर रुके भी थे बराक ओबामा एक पहले ऐसे विदेशी थे जो हमले के बाद होटल में रुके थे और उन्होंने वहा पर उन सभी शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की जिनकी मुंबई हमले में जान चली गयी थी और उन्होंने अपने संबोधन में यही कहा था ताज भारतीयों के संगठन एवं अनुकूल का प्रतिक है जो भारतीय संस्कृति को दर्शाता है |

दोस्तों हमारे द्वारा लिखे गए इस आर्टिकल में अपने ताज होटल की कहानी और इतिहास के बारे में जाना है अगर आपको हमारा ये आर्टिकल आपको पसंद ए तो आप इसे अपने दोस्तों एवं रिश्तेदारों में जरूर शेयर करे धन्यवाद |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *