Mansa Devi Temple Haridwar: मनसा देवी मंदिर उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जिले में गंगा किनारे हरकी पैड़ी से लगभग 3 km दूर बिलवा पहाड़ पर स्थित है और हिन्दू धर्म का आस्था केन्द्र है। हरिद्वार से पैदल आने वाले श्रद्धालयो को 2 km की खड़ी सीढ़ियों की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। इस मंदिर में सड़क मार्ग भी है यहा पर मंदिर से कुछ पहले कार या बाइक से भी पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु इस मंदिर तक उड़न खटोला के द्वारा भी आ सकते है।

माँ मनसा देवी मंदिर की महिमा (Glory of Mansa Devi Temple in Hindi)

हरिद्वार में पवित्र गंगा के किनारे दुर्गम पहाड़ियों पर स्थित माँ Mansa Devi Temple Haridwar उल्लेख पौराणिक कथाओं में दिया गया है। ‘मनसा’ शब्द का अर्थ ‘इच्छा’ होता है। अर्थात मन की इच्छा को पूरा करने वाली माँ मनसा देवी | इस मंदिर की मान्यता है की जो भी श्रद्धालु अपने सच्चे मन और श्रद्धा साथ यहां पर आते है और यहां के एक पवित्र पेड़ की शाखा पर धागा बांधकर अपने मन की इच्छा मांगते है तो माँ मनसा देवी उसके मन की इच्छा पूरा करती हैं। श्रद्धालुयो की इच्छा पूरी होने पर श्रद्धालु यहां पर दोबारा आते है और मां को नारियल चुनरी का प्रशाद चढ़ाके उनका आशीर्वाद लेते हैं और धागे को पेड़ से खोलते हैं।

इस मंदिर में देवी की दो मूर्तिया स्थापित है पहली मूर्ति की बात करे तो उनके की तीन मुंह और पांच भुजाएं हैं। जबकि दूसरी मूर्ति का एक मुँह और आठ भुजाएं हैं। 52 शक्तिपीठों में शामिल यह मंदिर माँ मनसा शक्ति के रूप में ही है जो कश्यप ऋषि की पुत्री थी और उनके मन से अवतरित होकर मनसा कहलाई।

मनसा देवी मंदिर को सिद्ध पीठ क्यों कहा जाता है (Why Mansa Devi Temple is called Siddha Peetha in Hindi)

सिद्ध पीठ का अर्थ होता है सिद्धि प्राप्त कर अपनी मनोकामना को पूर्ण करना अर्थात जिस स्थान पर बैठकर किसी गुरु आदि ने कठोर तपस्या करके भगवान् को प्रसन्न कर अपना वरदान माँगा हो और उसकी वह मनोकामना पूर्ण हुई हो तो ऐसी जगह सिद्ध पीठ कहलाती है

माँ मनसा देवी का मंदिर भी सिद्ध पीठ कहलाता है ऐसा बताया जाता है की इस स्थान पर राजा युधिष्ठिर ने माँ मनसा की तपस्या कर महाभारत के युद्ध में विजय प्राप्त की थी। जहाँ युधिष्ठिर ने पूजन किया वहाँ सालवन गाँव में इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ। हरिद्वार में स्थापित तीन सिद्ध पीठ मंदिर है जिसमे से एक माँ मनसा देवी को समर्पित है | दूसरा चंडी देवी को समर्पित है | और तीसरा माया देवी को समर्पित है |

मनसा देवी मंदिर के कपाट खुलने और बंद होने का समय (Opening and Closing Timing of Mansa Devi Temple in Hindi)

  • मंदिर खुलने का समय – सुबह 7 से दोपहर 12 तक और दोपहर 2 से रात्रि 9 तक
  • मंदिर बंद होने का समय – दोपहर 12 से 2 बजे तक

वैसे तो प्रतिदिन सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खोले जाते है और मुख्य पुजारी द्वारा पूजा अर्चना की जाती है लेकिन श्रद्धालुयो के दर्शन के लिए मंदिर के कपाट सुबह 7 बजे से शाम को 5 बजे तक खोले जाते है और मनसा माता को भोग लगाने के लिए दोपहर 12 से 2 बजे तक कपाट को बंद कर दिया जाता है और नवरात्रो या कोई विशेष सम्हारो में दर्शन का समय बढ़ा दिया जाता है |

माँ मनसा देवी मंदिर कैसे पहुंचे (How to reach Mansa Devi Temple in Hindi)

मनसा देवी पर पहुँचने के लिए के लिए आपको सबसे पहले हरिद्वार आना होगा अधिकतर श्रद्धालु सबसे पहले हर की पौड़ी में आकर माँ गंगा में स्नान करते है उसके बाद अपनी यात्रा शुरू करते है| आप हरिद्वार के किसी भी स्थान से मनसा घाट के लिए ऑटो या टैक्सी कर सकते है पैदल आने वाले श्रद्धालुओं को 2 km की खड़ी सीढ़ियों की चढ़ाई चढ़नी पड़ती है। इस मंदिर में सड़क मार्ग भी है यहा पर मंदिर से कुछ पहले कार या बाइक से भी पहुंचा जा सकता है। श्रद्धालु इस मंदिर तक उड़न खटोला के द्वारा भी आ सकते है। जिसमे जाने में लगभग 10 मिनट का समय लगता है।

यह भी पढ़े – हरिद्वार के प्रमुख दर्शनीय स्थल

उड़न खटोला किराया सूचि (Udan Khatola rate list in Hindi)

  • मनसा देवी  टिकट                         =  100/- प्रति व्यक्ति आना जाना ।
  • मनसा देवी + चंडी देवी टिकट         =  263/- प्रति व्यक्ति आना जाना।
  • मनसा देवी चाइल्ड टिकट               =    70/- प्रति व्यक्ति आना जाना।

हम उम्मीद करते है की आपको Mansa Devi Temple Haridwar के बारे पढ़कर अच्छा लगा होगा।

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