Tehri Dam History in Hindi: इस लेख में हम आपको उत्तराखंड के टिहरी जिले में स्थित विश्व प्रशिद्ध “Tehri Dam” (टिहरी बाँध) के बारे में बताने वाले है। “Tehri Dam” की पूरी जानकारी के लिए इस लेख को अंत तक जरुर पढ़े।

टिहरी डैम का इतिहास (History of Tehri Dam in Hindi)

भारत में देवभूमि कहे जाने वाले उत्तराखंड राज्य को केवल देवताओं की नगरी ही नहीं बल्कि प्राकृतिक सौन्दर्य से भरपूर नदियों और पर्वतों की भूमि भी कहा जाता है। उत्तराखंड राज्य के टिहरी जिले में स्थित  “Tehri डैम” से एक दिन में लगभग 2400 MW बिजली का उत्पादन किया जाता है। जिसमे 270,000 हेक्टर क्षेत्र की सिंचाई के साथ-साथ हर रोज 102.20 करोड़ लीटर पिने का पानी उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली को उपलब्ध कराया जाता है।

टिहरी डैम का निर्माण (Construction of Tehri Dam in Hindi)

सन1978 में 600 मेगा वाट का बिजली संयंत्र लगाकर टिहरी बांध का निर्माण शुरू किया गया था। लेकिन आर्थिक और पर्यावरणीय समस्याओं चलते-चलते इसका निर्माण 2006 में पूरा हुआ था। जो की भारत का सबसे ऊँचा बाँध है। और विश्व के सबसे बड़े पांच बांधो में शामिल है। जिसका उपयोग सिंचाई और बिजली पैदा करने के लिए किया जाता है।

मुख्य रूप से टिहरी बाँध में अभी तीन विद्युत परियोजना को स्थापित किया गया हैं।
टिहरी बाँध जल विद्युत इकाई – 1000 MW
कोटेशवर जल विद्युत परियोजना – 400 MW
टिहरी पम्प स्टोरेज परियोजना – 1000 MW

टिहरी बांध किस नदी पर है (Tehri Dam on which river in Hindi)

उत्तराखंड राज्य के टिहरी जिले में स्थित टिहरी बाँध हिमालय पर्वतो के बिच दो नदियों भागीरथी और भिलंगना के संगम पर बना हुआ है। टिहरी बाँध कार्य के समय जब बाँध में पानी अधिक मात्रा में इकठ्ठा होने लगा। तब टिहरी शहर पानी में डूब गया था। टिहरी बाँध को सुमन सागर के नाम से भी जाना जाता है। पुराने टिहरी विस्थापित कर बाद में नया टिहरी शहर बसाया गया है।

टिहरी बांध पर्यटन (Tehri Dam Tourism in Hindi)

उत्तराखंड सरकार ने टिहरी झील को पर्यटन में परिवर्तित करने का भी निर्णय लिया है। जिसमे जेट स्कीइंग, एयर बैलून सवारी और कई सारी गतिविधियां शामिल हैं। उत्तराखंड चार धाम यात्रा में घूमने आये अधिकतर पर्यटक टिहरी झील को भी देखने जाते है।अप्रैल से जून के बिच में टिहरी झील पर जाने का सबसे अच्छा समय है। इस दौरान पर्यटकों की काफी भीड़ लगती है।

टिहरी बांध मामले का अध्ययन (Tehri Dam case study in Hindi)

हिमालय के क्षेत्रो में अधिकतर भूकंप आने का अनुमान लगा रहता है। इस कारण इस बाँध का भारी विरोध भी हो रहा है। वैज्ञानिको के अनुसार अगर टिहरी बाँध टूटता है तो भारत देश के कई हिसो में तबाही मचा देगा जिसमे ऋषिकेश, हरिद्वार, बिजनौर, मेरठ और बुलंदशहर पूरी तरह से इसमें जलमग्न हो जाएँगे।

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हम उम्मीद करते है कि आपको Tehri Dam History in Hindi के बारे में पढ़कर अच्छा लगा होगा।

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