Vaishno Devi Yatra 2022 in Hindi: जय माता दी, सबसे पहले तो आप सभी भक्तो को पब्लिक गाइड टिप्स चैनल की तरफ से चैत्र नवरात्रे की बहुत-बहुत हार्दिक शुभ कामनाये माता रानी आप सभी भक्तो की मनोकामना जल्दी पूरी करे।

इस बात को तो आप भली भाती जानते ही है की पिछले 2 वर्षो से लगातार कोरोना संक्रमण की मार सभी धार्मिल स्थलों पर पड़ी है। जिस वजह से यात्री अपनी यात्रा नहीं कर पाए। वही इस वर्ष कोरोना संक्रमण की भारी गिरावट को देखते हुए भारत सरकार ने कोरोना के नियमो में पूरी तरह से छूट देदी है।

हिन्दू धर्म के कैलेंडर के अनुसार अप्रैल के महीने से नए साल की शुरवात होती है। वही 2 अप्रैल 2022 से माता के चैत्र नवरात्रे शुरू हो रहे है। इन दिनों माता के सभी प्राचीन मंदिरो में भक्तो की भीड़ लगी रहती है। उनमे से एक और सबसे प्रशिद्ध माता वैष्णो देवी की यात्रा है। वैसे तो इस यात्रा में भक्तो की भीड़ पुरे साल ही लगी रहती है। लेकिन नवरात्रो के दिनों में यहां पर भक्त सबसे ज्यादा पहुंचते है। जम्मू के कटरा में स्थित माता वैष्णो देवी का यह मंदिर पुरे भारत में सबसे ज्यादा प्रशिद्ध है। जो की एक गहरी आस्था से जुड़ा पवित्र धाम है।

नवरात्रि के इन 9 दिनों में माता वैष्णो देवी की यात्रा करना सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है। लेकिन इन दिनों में माता के दरबार में भक्तो की सबसे ज्यादा भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप भी नवरात्रि के दिनों में माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने का प्लान बना रहे है। तो आपको कुछ बातो का विशेष ध्यान रखना होगा।

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Table of Contents

How to start the Journey of Mata Vaishno Devi in Hindi (माता वैष्णो देवी की यात्रा कैसे शुरू करे)

माता वैष्णो देवी की यात्रा शुरू करने से पहले आपको अपना यात्रा रजिस्ट्रेशन करना होगा। तभी आप अपनी यात्रा शुरू कर सकते है। आगे हमने आपको यात्रा पर्ची और शुरू से लेकर अंत तक यात्रा के सभी पड़ाव के बारे में विस्तार से बताया है।

Vaishno Devi Yatra Registration Slip in Hindi (वैष्णो देवी यात्रा पर्ची)

अगर आप माता वैष्णो देवी यात्रा करने के लिए आ रहे है तो सबसे पहले आपको अपनी यात्रा पर्ची Yatra Registration Slip लेनी होगी जिसे आप Online या Offline दोनों तरीके से ले सकते है। Online के लिए आपको www.matavaishnodevi.org की website पर जाना होगा और Offline लेने के लिए आपको कटरा के किसी भी Registration counter से Slip मिल जाएगी। जो आपकी Yatra Registration Slip होती है। वो एकदम फ्री होती है। उसका कोई भी शुल्क नहीं लगता है। स्लिप बनेके बाद 6 घंटे के अंदर आपको यात्रा शुरू करनी होती है। आपके पास अपनी एक Original ID होनी चाहिए जैसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, या वोटर कार्ड,आदि।

How to travel by Horse, Mule, Pithu, Palanquin, Helicopter in Hindi (पैदल, घोडा, खच्चर, पिठू, पालकी, हेलीकॉप्टर)

ज्यादातर श्रद्धालु माता वैष्णो देवी की यात्रा को पैदल ही पूरा करते है। पैदल जाने के लिए आपके पास दो मार्ग है। पहला मार्ग बाण गंगा, चरण पादुका से होते हुए जाता है। यह ट्रैक आपको 14 km का पड़ेगा इस ट्रैक में पैदल यात्री, घोड़े, खच्चर, पालकी, पिठू सभी चलते है। दूसरे मार्ग तारा कोट मार्ग से होकर जाता है उसमे सिर्फ पैदल यात्री ही जाते है। आप चाहे तो अपनी यात्रा उस रस्ते से भी कर सकते है लेकिन वो रास्ता थोड़ा बड़ा है जिसका ट्रैक लगभग 16 km का पड़ेगा। अब वो आपके ऊपर डिपेंड करता है की आप अपनी यात्रा को पैदल, घोडा, खच्चर, पिठू, पालकी,या फिर हेलीकॉप्टर से करते है। घोड़े या खच्चर में आपको 1,150/- रूपये एक तरफ के देने पड़ेंगे, अगर आप पालकी करते है तो 3,000 /- रूपये एक तरफ तक देने पड़ेगे, हेलीकाप्टर की बात करे तो 1,950/- रूपये Single ट्रैक और 3,900/- रूपये Double ट्रैक के देने होंगे। हेलीकाप्टर में जाने वाले भक्तो के लिए कटरा से ही अलग रास्ता है जहा पर हेलिपैड बना हुआ है। वही से आपको हेलीकाप्टर लेकर सान्जी छत हेलिपैड पर छोड़ ता है। फिर वहा से आपको 3 km पैदल यात्रा करनी पड़ती है। आप चाहे तो www.matavaishnodevi.org की website पर जाकर Helicopter का Ticket Online भी बुक कर सकते है।

Baan Ganga Mata Vaishno Devi in Hindi (बाण गंगा माता वैष्णो देवी)

जब आप कटरा से पैदल माता वैष्णो देवी की यात्रा शुरू करते है तो रास्ते में सबसे पहले आपको बाण गंगा देखने को मिलेगी पुराणों में ऐसा वर्णन है की माता वैष्णो देवी ने अपने बाण से इसी स्थान पर जल धारा निकाली थी और उसके बाद अपने केश धोये थे तभी से इसे बाण गंगा या केश गंगा के नाम से जाना जाता है।

Charan Paduka Mata Vaishno Devi in Hindi (चरण पादुका माता वैष्णो देवी)

जब आप बाण गंगा से अगले पड़ाव की और चलते है दूसरे चरण में आपको चरण पादुका देखने को मिलेगी कहते है माता वैष्णो देवी ने इसी स्थान पर रुक कर भेरनाथ को देखा था इसीलिए इस स्थान को चरण पादुका के नाम से जाना जाता है आज भी माता वैष्णो देवी के चरण के चिन्ह यहां पर देखने को मिल जायँगे।

Ardhkumari Mata Vaishno Devi in Hindi (अर्द्धकुवारी माता वैष्णो देवी)

जब आप चरण पादुका से अगले पड़ाव की और चलते है तो आपको अर्द्धकुवारी गुफा देखने को मिलेगी, कहते है की माता वैष्णो देवी ने भैरव से छुपने के लिए इसी गुफा के अंदर 9 माह तक तपस्या की थी और फिर बाद में गुफा के दूसरी और से निकल कर भवन की तरफ चली गयी थी जिसे गर्भजून गुफा के नाम से भी जाना जाता है भी कहते है जो भी भक्त अपनी सच्ची श्रद्धा से इस गुफा से निकल जाता है मानो उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है।

Mata Vaishno Devi Bhawan in Hindi (माता वैष्णो देवी भवन)

जब आप अर्द्धकुवारी गुफा से अगले पड़ाव पर चलते है तो आप सीधे माता के भवन पहुंचते है जैसे जैसे माता का भवन नजदीक आता चला जाता है मानो आपका मन पूरी तरह से भवन की तरफ खीचा चला जाता है और चारो तरफ माता के जयकारो की गूंज सुनाई देती है। भवन में पहुंचने के बाद आप वहा पर अपना कीमती सामान लॉकर में रख सकते है जैसे कियोकि माता के भवन में सिर्फ प्रशाद ही लेकर जा सकते है अगर भक्तो की भीड़ ज्यादा होती है तो नयी गुफा के रास्ते से आप माता के दर्शन करते है।

Ancient Cave of Mata Vaishno Devi in Hindi (माता वैष्णो देवी की प्राचीन गुफा)

अगर किसी भी भक्त को माता की प्राचीन गुफा से निकल कर माता के दरशन हो जाते है तो मानो उसकी सारी मुरादे पूरी हो गयी लेकिन ऐसा बहुत कम होता है कियोकि माता वैष्णो देवी के दरबार में हर साल कई लाख भक्त आते है जिसकी वजह से प्राचीन गुफा को बंद ही रखा जाता है अधिकतर दिसंबर के माह में भक्तो की संख्या कम हो जाती है तो फिर इस प्राचीन गुफा को भक्तो के लिए खोल दिया जाता है।

त्रिकूट परवत की प्राचीन गुफा में माँ वैष्णो देवी अपने तीन रूप में विराजमान है माँ काली, माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती, इन तीनो पिंडियो के ऊपर सोने के मुकुट सजे हुए है।

Bhairavnath Temple in Hindi (भैरवनाथ मंदिर)

माता वैष्णो देवी के दर्शन करने के बाद आपको बाबा भैरव के दर्शन भी जरुरी करने होते है कहते है की तभी आपका प्रशाद यानी की माता के दरबार में आपकी हाजरी तभी लगती है, पुराणों में भी इसका वर्णन कुछ इस प्रकार है की जब माता ने भैरव का सर धड़ से अलग कर दिया था तो भैरव ने माता से विनती की और शमा याचना मांगी तब माता ने भैरव को वचन दिया की मेरी पूजा के बाद भक्त तेरी पूजा भी करेंगे तभी मेरी पूजा सम्पन होंगी।

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Prohibited items in the court of Mata Vaishno Devi (माता वैष्णो देवी के दरबार में वर्जित सामान)

देखिये जब आप माता वैष्णो देवी दरबार के पास पहुंच जाते हैं। तो श्राइन बोर्ड की तरफ से दरबार में अंदर प्रवेश के लिए कुछ नियम हैं। ज्यादातर भक्त इन नियमो का पालन करते है। लेकिन अभी भी कुछ भक्त ऐसे है। जो पहली बार माता के दर्शन करने के लिए जाते है। और नियमो का पालन नहीं करते है। जिससे उन्हें दरबार की लाइन से हटा दिया जाता है। और बाद में वहा के नियमो का पालन करने पर ही माता के दर्शन करने के लिए उन्हें आगे भेजा जाता है। तो अगर आप भी माता वैष्णो देवी की यात्रा पर पहली बार जा रहे है। तो इन नियमो का पालन जरूर करे।

1. माता के दरबार में किसी भी प्रकार की लेदर की वस्तु ले जानी वर्जित है। जैसे बेल्ट, पर्स, वॉच, जूते, चप्पल आदि।
2. चाकू, ब्लेड, कांच की बोतल, प्लास्टिक की बोतल, बिस्कुट, नमकीन, मिठाईया या फिर खाने पिने का कोई भी सामान ले जाना वर्जित है।
3. भक्तो से अपील की जाती है की वह अपने साथ माता के श्रंगार का सामान जैसे बिंदी, लिपस्टिक, चूड़ी, सिंदूर, नेल पोलिश, हार, क्रीम आदि कुछ भी लेकर मत जाए।
4. ज्यादातर पहली बार आने वाले भक्त अपना मोबाइल अपने साथ रखते है। जो की माता के दरबार में ले जाना वर्जित है। इसीलिए मोबाइल, कैमरा, या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक्स आइटम दरबार में मत लेकर जाए। नहीं तो पुलिस चेकिंग के दौरान आपको बिच में से ही लाइन से बहार कर दिया जायेगा। बाद में जब अपना सामान रख कर आएंगे तभी आपको माता के दर्शन के लिए भेजा जायेगा। जिस वजह से आपका काफी समय लग सकता है।

How to reach Mata Vaishno Devi Temple in Hindi (माता वैष्णो देवी मंदिर कैसे पहुंचे)

देखिये माता वैष्णो देवी के दरबार में पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले जम्मू में स्थित कटरा में आना होगा। जिसे आप रेल मार्ग, हवाई मार्ग, या फिर सड़क मार्ग से पूरा कर सकते है। तो आइए अब इस जानकारी को और अच्छे से जानते है।

1. How to reach Katra by Rail in Hindi (रेल मार्ग से कटरा कैसे पहुंचे)

रेल मार्ग से कटरा आने के लिए आपके पास दो ऑप्शन यानी दो मार्ग होते है।
पहला मार्ग – माता वैष्णो देवी पहुंचने के लिए कटरा रेलवे स्टेशन एक सबसे भढिया ऑप्शन है। यह रेल मार्ग देश के कुछ चुनिंदा शहरों से ही जुड़ा हुआ है। इस स्टेशन के बहार से ही आपको ऑटो और टैक्सी स्टैंड मिल जायेगा। वहा से आप ऑटो या टैक्सी करके शिवर कटरा के लिए जा सकते है ऑटो वाले आपसे 210 से लेकर 260 रूपये तक चार्ज करेंगे जिसमे लगभग 10-15 से मिनट का समय लगेगा।

दूसरा मार्ग – अगर हम दूसरे वाले मार्ग की बात करे तो आप जम्मू तवी रेलवे स्टेशन जा सकते है। जो की देश के सभी शहरों के साथ जुड़ा है। जम्मू तवी से कटरा की दुरी लगभग 48 km की है। वहा से आप इस सफर को प्राइवेट बस या टैक्सी के द्वारा पूरा कर सकते है। यह सफर आपके मन को मोहोलेगा। कियोकि इस सफर में आपको ऊचे-ऊचे पहाड़ नदी झरने देखने को मिलेंगे, अगर आप बस के द्वारा जाते है। तो आपको 100 से 150 तक का टिकट लेना होगा और अगर आप टैक्सी बुक करना चाहते है तो आपको 1000 से 1500 खर्च करने होंगे।

2. How to reach Katra by Aeroplane in Hindi (हवाई जहाज से कटरा कैसे पहुंचे)

चलिए अब बात करते है हवाई जहाज मार्ग की अगर आप हवाई जहाज से जाना चाहते है। तो कटरा का सबसे पास जम्मू ऐरपोट है। जम्मू ऐरपोट से कटरा की दुरी लगभग 45 km की है। जिसे आप टैक्सी या बस दोनों से पूरा कर सकते है।

3. How to reach Katra by Road in Hindi (रोड से कटरा कैसे पहुंचे)

देखिये अगर आप रोड के द्वारा कटरा आना चाहते है। तो दिल्ली से जम्मू के लिए आपको बहुत सारी बस की सेवा मिल जाएगी दिल्ली से कटरा की दुरी लगभग 650 km है। जिसमे 10 से 12 घंटे का समय लगता है।

How to stay at Katra Hotel in Hindi (कटरा होटल में कैसे रुके)

कटरा में पहुंचने के बाद ज्यादातर भक्तो को सबसे पहली तलाश एक अच्छे और सस्ते होटल की रहती है। तो में आपको बतादू की कटरा में हर तरह के होटल्स आपको देखने को मिल जायेंगे। जैसे ही आप कटरा पहुंचते है। तो आपको सबसे पहले एक होटल देखना होगा। ताकि आप रात भर आराम करके अगले दिन माता वैष्णो देवी की यात्रा आराम से कर सके, कटरा में आपको सस्ते से लेकर महंगे तक हर तरह के होटल मिल जायेंगे। जिनका किराया 500 रूपये से लेकर 3000 रूपये तक का हो सकता है।

आप चाहे तो Hotel को Online भी बुक कर सकते है। होटल्स के अलावा यहां पर आपको माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की तरफ से धर्मशाला और डोरमेट्री की भी सुविधा मिल जाएगी। धर्मशाला में आपको 300 रूपये से लेकर 400 रूपये तक देना पड सकता है। डोरमेट्री में आपको 100 से 150 रूपये पर बैड देना होगा यह आपके ऊपर Depend करता है की आप कहा पर रुकना चाहते है।

Best time to visit Mata Vaishno Devi Temple in Hindi (वैष्णो देवी जाने का सबसे अच्छा समय)

वैसे तो आप जानते ही है की माँ वैष्णो देवी का मंदिर पूरे साल ही खुला रहता है। इस मंदिर में जो यात्रा करने का सबसे अच्छा समय है। वो मार्च और अक्टूबर के बीच का है। नवरात्रो के दिन तो यहां पर बहुत ज्यादा भीड़ देखने को मिलेगी। आप चाहे तो जुलाई माह में भी इस यात्रा को पूरा कर सकते है।

Some important things in the journey of Mata Vaishno Devi (माता वैष्णो देवी की यात्रा में कुछ जरुरी बाते)

वैसे तो अप्रैल के महीने में ठण्ड बिलकुल भी नहीं होती है लेकिन अगर आप रात में माता वैष्णो देवी की यात्रा करते है तो ऊपर पहाड़ो में आपको ठण्ड जरूर महसूस होगी। इसीलिए अपने बच्चो और बुजुर्गो के लिए फुल स्वेटर, शाॅल जरूर रखे।

दोस्तों हम उम्मीद करते है की आपको Mata Vaishno Devi Yatra 2022 की सम्पूर्ण जानकारी जानकर अच्छा लगा होगा।

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