Jakhu Temple Shimla in Hindi: शिमला में स्थित जाखू मंदिर भारत में ही नहीं बल्कि पुरे विश्व प्रशिद्ध मंदिर है। भगवान श्री राम के प्रिय भक्त हनुमान जी को समर्पित यह मंदिर त्रेतायुग के समय का माना जाता है। शिमला में देश विदेश से घूमने आये सभी पर्यटक इस मंदिर में दर्शन करने के लिए जरूर जाते है। कियोकि वहा पर स्थापित 108 फुट ऊंची हनुमान जी की मूर्ति उन्हें अपनी तरफ आकर्षित करती है। ऐसी मान्यता है की त्रेतायुग के समय जब श्री राम और रावण के बिच युद्ध हो रहा था। तो उस समय श्री राम के छोटे भाई लक्ष्मण मूर्छित हो गए थे। तो उनके प्राणो की रक्षा करने के लिए जब हनुमान जी हिमाय की तरफ संजीवनी बूटी लेने जा रहे थे। तो इस स्थान पर रुक कर उन्होंने याखु नाम के ऋषि से संजीवनी बूटी के बारे में पूछा था। दोस्तों जाखू मंदिर की पूरी कहानी को विस्तार से जानने के लिए हमारे इस लेख को अंत तक जरूर पढ़े।

Jakhu Temple History in Hindi (जाखू मंदिर का इतिहास)

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला, जो की एक हिल स्टेशन टूरिस्ट प्लेस है। जहा पर हर साल लाखो पर्यटक घूमने के लिए आते है। जाखू मंदिर शिमला की सबसे ऊंची चोटी, रिज मैदान से 2.5 km और समुद्र तल से लगभग 8000 फुट की उचाई पर स्थित है। जहा से आप शिमला के सूंदर दृश्य को देख सकते है। भगवान हनुमान जी को समर्पित इस मंदिर में हनुमान जी की एक प्रतिमा त्रेतायुग के समय की है। जो आज भी मंदिर के मुख्य गर्भ ग्रह में विराजमान है। और मंदिर परिसर में एक विशाल मूर्ति भी बनी हुई है।

Jakhu Temple Shimla in Hindi
Jakhu Temple Shimla in Hindi

जिसको दिल्ली के एक नंदा परिवार ने अपनी मनोकामना पूर्ण होने के बाद बनवायी थी। इस विशाल मूर्ति को बनने में लगभग 2 साल का समय लगा था। जिसमे करीबन 70 से 80 मजदूरो ने काम किया था। इस मूर्ति की उचाई 33 मीटर यानी 108 फीट की है जो की हनुमान जी की विश्व की सबसे ऊंची मूर्तियों में से एक है। यह मूर्ति पत्थर से बने एक बहुत बड़े चबूतरे के ऊपर बनी हुई है जिसके चारो तरफ बहुत ऊँचे-ऊँचे पेड़ लगे हुए है। इस मूर्ति को 108 फुट का इसीलिए बनाया गया था क्योकि हनुमान जी को 108 नामो से पुकारा जाता है।

Jakhu Temple Story in Hindi (जाखू मंदिर की पौराणिक कथा)

इस मंदिर की पौराणिक कथा रामायण से जुडी हुई है। रामायण के अनुसार जब रावण ने श्री राम की पत्नी सीता का अपहरण किया था। तो उस दौरान श्री राम और रावण के बिच घमासान युद्ध हुआ था। जिसमे रावण के पुत्र मेघनाथ इंद्रजीत ने लक्ष्मण को अपने शक्ति शाली तीर से घायल कर उन्हें मूर्छित कर दिया था। उपचार के दौरान तभी एक वेध ने श्री राम जी से कहा की लक्ष्मण को अब सिर्फ एक ही संजीवनी बूटी बचा सकती है। वो जल्द ही लानी होगी। जो हिमालयो की पहाड़ियों पर मिलेगी। तब हनुमान जी श्री राम की आज्ञा का पालन करते हुए संजीवनी बूटी लेने के लिए हिमालय पर्वत की तरफ चले गए। आकाश में भ्रमण करते हुए उनकी नजर एक ऊंची पहाड़ी पर पड़ी जहा पर एक याखु नाम का ऋषि अपनी तपस्या में निल था।

तभी हनुमान जी विश्राम करने और संजीवनी बूटी का परिचय जानने के लिए उस पहाड़ी पर उतर गए। जैसे ही हनुमान जी ने अपने दोनों पैर उस पहाड़ी पर रखे तो आधा पहाड़ निचे पाताल में समा गया था। जिस जगह पर उन्होंने अपने पैर रखे थे वहा पर आज भी उनके पद-चिन्ह को एक संगमरमर के पत्थर बनवाकर रखा गया है। याखु नाम के ऋषि ने उन्हें संजीवनी बूटी का परिचय दिया और उन्हें सही मार्ग दिखाया। वापस लौटते वक्त हनुमान जी याखु ऋषि को दर्शन नहीं दे पाए। क्योंकि उन्हें जल्दी ही संजीवनी बूटी लेकर जाना था। याखु ऋषि ने उनकी काफी प्रतीक्षा की जब जाकर हनुमान जी एक मूर्ति के रूप में प्रकट हुए थे। जो आज भी जाखू मंदिर के मुख्य गर्भ ग्रह में विराजमान है। याखु नाम से ही इस मंदिर का नाम जाखू पड़ा।

Best time to visit Jakhu Temple in Hindi (जाखू मंदिर आने का सबसे अच्छा समय)

दोस्तों जाखू मंदिर शिमला में ही है तो अगर आप शिमला घूमने के लिए आ रहे है तो सबसे अच्छा समय अक्टूबर और नवंबर का महीना होता है क्योकि जुलाई और अगस्त में यहां पर काफी बारिश होती है जिसमे जाखू की यात्रा करने में थोड़ी मुश्किल हो जाती है। वही अगर हम जनवरी और फरवरी के महीने की बात करे तो उस दौरान यहां पर काफी बर्फबारी होती है। मार्च से जून तक यहां पर तापमान 20 D सेल्सियस हो जाता है वैसे आप चाहे तो यहां पर किसी भी समय घूमने के लिए आ सकते है।

Some important things about Jakhu Temple Shimla in Hindi (जाखू मंदिर की कुछ महत्वपूर्ण बाते)

मंदिर खुलने का समय – 04:00 बजे
पूजा अर्चना सुबह – 04:00 से 07:00 बजे तक
आरती का समय सुबह – 07:00 बजे
प्रसाद वितरण आरती के बाद
भोजनावकाश – दोपहर 01:00 बजे से 01:35 बजे तक
आरती का समय शाम – गो धूलि बेला में
मंदिर बंद होने का समय रात्रि – गर्मियों में 08:30 बजे, सर्दियों में 07:00 बजे, अन्य समय 08:00 बजे रात्रि तक

How To Reach Jakhu Temple In Hindi (जाखू मंदिर कैसे पहुंचे)

देखिये अगर आप जाखू मंदिर आना चाहते हो तो सबसे पहले आपको हिमाचल की राजधानी शिमला आना होगा जो की टॉय ट्रैन, और सड़क मार्ग से जुड़ा है।

By Air (हवाई अड्डा मार्ग) – अगर आप हवाई जहाज से आना चाहते है तो सबसे पहले आपको चंडीगढ़ ऐरपोट आना होगा वहा से आप बस, टैक्सी से डायरेक्ट शिमला जा सकते है। और शिमला से जाखू के लिए टैक्सी मिल जाती है या फिर आप पैदल भी जा सकते है।

By Train (रेल मार्ग) – अगर आप रेल से आना चाहते है तो सबसे पहले आपको चंडीगढ़ के रेलवे स्टेशन आना होगा वहा से आपको कालका रेलवे तक आना होगा कालका से शिमला के लिए आपको टॉय ट्रैन मिल जाएगी, फिर शिमला से जाखू मंदिर के लिए आप टैक्सी में जा सकते है।

By Road (सड़क मार्ग) – अगर आप बस से आना चाहते है तो सबसे पहले आपको चंडीगढ़ के बस स्टैंड आना होगा वहा से आपको शिमला के लिए डायरेक्ट बस या टेक्सी मिल जाएगी। और शिमला से जाखू के लिए टैक्सी मिल जाती है या फिर आप पैदल भी जा सकते है।

Personal Vehicle (अपनी कार) – आप चाहे तो अपनी कार से भी सीधा जाखू मंदिर जा सकते है।

यह भी पढ़े – शिमला के 10 प्रमुख पर्यटन स्थल​ जरूर घूमने जाये

दोस्तों हम उम्मीद करते है कि आपको Jakhu Temple Shimla in Hindi के बारे में पढ़कर अच्छा लगा होगा।

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